आर्य समाज वार्षिक महोत्सव में आचार्य योगेश भारद्वाज ने वेदों के महत्व पर दिया संदेश

फरीदाबाद। आर्य समाज सेक्टर 28-31 के 26वें वार्षिक महोत्सव में वैदिक विद्वान आचार्य योगेश भारद्वाज ने आर्य जनों को संबोधित करते हुए कहा कि वेद ईश्वरीय रचित ज्ञान का अथक भंडार हैं और यह हमें जीवन जीने की शैली सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि वेदों के माध्यम से ही समाज और मानव कल्याण संभव है। आचार्य ने वेदों को हमारी पुरानी संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक बताया।
महोत्सव की शुरुआत भजन उपदेशक अंकित उपाध्याय द्वारा महर्षि दयानंद एवं उनके समाज उत्थान के कार्य की चर्चा करते हुए भजनों से लोगों को मंत्रमुग्ध करने के साथ हुई। इसके बाद आचार्या सुलभा आर्या और उनकी दो शिष्याओं ने वेद पाठ कर उपस्थित जनों को वेदों से जोड़ने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर आर्य समाज सेक्टर 28-31 के प्रधान प्रवीण गोयल ने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवार और युवा पीढ़ी को स्वामी दयानंद के सिद्धांतों से जोड़ने का संकल्प लें। उन्होंने बताया कि महोत्सव के समापन दिवस पर 101 कुंडीय विराट संकल्प सिद्धि यज्ञ का आयोजन किया जाएगा और अधिक से अधिक लोगों से इसमें भाग लेने की अपील की।

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