सतयुग दर्शन विद्यालय में आयोजित हुआ रजत जयंती प्रतिभा संगम : ‘Silver Jubilee Confluence Talent Fiesta–2025’ का भव्य आयोजन

- सतयुग दर्शन विद्यालय में इन्टर स्कूल प्रतियोगिता में लगभग 22 स्कूलों के 340 बच्चों ने भाग लिया 

फरीदाबाद । आज सतयुग दर्शन विद्यालय के प्रांगण में “Silver Jubilee Confluence Talent Fiesta–2025”” इंटर स्कूल कंपटीशन” का भव्य, गरिमामय एवं बहुआयामी आयोजन किया गया। यह उत्सव न केवल विद्यालयीय परंपराओं का उत्सव था, बल्कि विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को उजागर करने वाला एक प्रेरणास्पद सांस्कृतिक–शैक्षिक महोत्सव भी सिद्ध हुआ।

इस विशाल प्रतिभा संगम में फ़रीदाबाद शहर के 22 प्रतिष्ठित विद्यालयों के लगभग 350 विद्यार्थियों ने उत्साह, उमंग एवं आत्मविश्वास के साथ सहभागिता की, जिससे कार्यक्रम की भव्यता और प्रतिस्पर्धात्मक गरिमा और अधिक बढ़ गई।

कार्यक्रम का शुभारम्भ भारतीय सांस्कृतिक परम्परा के अनुरूप दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिससे समस्त वातावरण आलोकित, पावन एवं ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अरुण कुमार शर्मा, सतयुग दर्शन संगीत कला केंद्र के प्राचार्य श्री दीपेन्द्र कांत, उप-प्रधानाचार्या श्रीमती नसरीन खान, हेडमिस्ट्रेस श्रीमती ज्योति मिश्रा सहित अनेक गणमान्य अतिथिगण ससम्मान विराजमान रहे।

कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने हेतु मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रवीन कुमार वर्मा (सेवानिवृत्त सहायक निदेशक, रक्षा मंत्रालय) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती मधु वर्मा (सेक्शन ऑफिसर, कृषि विभाग) की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्नेहपूर्ण शब्दों से हार्दिक स्वागत किया गया।

इस रजत जयंती प्रतिभा उत्सव में विद्यार्थियों ने विविध शैक्षिक, साहित्यिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी विलक्षण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। फाइन आर्ट्स, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, आर्ट मेनिया, विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी, सोलो सॉन्ग, सोलो डांस, ग्रुप डांस, फैंसी ड्रेस, रेडियो जॉकी, स्पीच, डिबेट, शो एंड टेल तथा ‘साहित्य सरोवर’ के अंतर्गत निबंध लेखन, कविता वाचन, भाषण एवं नुक्कड़ नाटक जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, मंचीय आत्मविश्वास एवं कलात्मक कौशल प्रशंसा के योग्य रहा।

प्रतियोगिताओं के न्यायनिर्णायक मंडल में श्रीमती तनीषा शर्मा (कत्थक एवं भरतनाट्यम विशेषज्ञ) तथा श्री आर. के. वशिष्ठ (निदेशक, सरस्वती संगीत कला निकेतन, दिल्ली) ने सूक्ष्म दृष्टि एवं निष्पक्षता के साथ प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे उनके उत्साह में नवीन ऊर्जा का संचार हुआ।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में समस्त आगन्तुकों का हार्दिक स्वागत करते हुए प्रतिभागियों को निरंतर अभ्यास, अनुशासन एवं सृजनशीलता के पथ पर अग्रसर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर उप-प्रधानाचार्या श्रीमती नसरीन खान ने वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, निर्णायकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े प्रत्येक सहयोगी के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।

अंत में सभी अतिथियों को विद्यालय के ध्यानकक्ष का अवलोकन कराया गया तथा स्नेहपूर्ण भोजन व्यवस्था के उपरांत आत्मीय विदाई दी गई। संपूर्ण आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं स्मरणीय रहा, जिसने सतयुग दर्शन विद्यालय की रजत जयंती को एक स्वर्णिम पहचान प्रदान की।

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