पुलिस ने धरने पर बैठे कर्मचारियों को उठाया, 20-25 हिरासत में लिए

फरीदाबाद। फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित मदरसन कंपनी के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारियों को मंगलवार को पुलिस ने मौके से हटा दिया। इस दौरान कई कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है। कर्मचारी सुबह करीब 7 बजे से कंपनी के गेट पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और दोपहर करीब 2 बजे तक वहीं डटे रहे। मौके पर मौजूद एसीपी राजीव कुमार ने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया और शांतिपूर्वक धरना समाप्त कर वहां से हटने की अपील की, लेकिन कर्मचारी नहीं माने। इसके बाद पुलिस बल ने कार्रवाई करते हुए धरना खत्म कराया। इस दौरान करीब 20 से 25 कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहन में बैठाया गया और कंपनी क्षेत्र से दूर ले जाकर छोड़ दिया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस जबरन उन्हें हटा रही है और उनकी मांगों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।

कर्मचारियों की मांग है कि उनकी मासिक सेलरी बढ़ाकर 20 हजार की जाए और जिन मांगों पर कंपनी और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनी है, उसका लिखित नोटिस कंपनी गेट के बाहर चस्पा किया जाए, ताकि सभी कर्मचारियों को इसकी स्पष्ट जानकारी मिल सके। बता दें कि, सोमवार को कर्मचारियों के प्रतिनिधियों की सरकार और कंपनी प्रबंधन के साथ बातचीत हुई थी। उस दौरान सरकार की नोटिफिकेशन और प्रबंधन के साथ सहमति बनने के बाद मामला शांत करा दिया गया था। लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट लिखित सूचना जारी नहीं की गई है। इसी कारण मंगलवार को कर्मचारी काम पर तो पहुंचे, लेकिन दोबारा से कंपनी के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले दो दिनों से वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया जा रहा है।

इसी वजह से काफी कर्मचारी अभी भी कंपनी की बातों से सहमत नहीं हैं। हालांकि कुछ कर्मचारी प्रबंधन के आश्वासन के बाद कंपनी के अंदर जाकर अपना काम भी कर रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार, सेक्टर-37 स्थित इस कंपनी में करीब 6000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। यहां तीन शिफ्टों में काम होता है। फरीदाबाद के अलग-अलग क्षेत्रों के अलावा दिल्ली और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में कर्मचारी यहां काम करने आते हैं। धरने पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी में उनसे 12-12 घंटे तक काम लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पूरी सेलरी नहीं मिलती।

उनका आरोप है कि हरियाणा सरकार द्वारा तय किए गए वेतन ग्रेड के अनुसार भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार ओवरटाइम मिलाकर उन्हें करीब 15 हजार तक वेतन मिलता है, जिसमें से पीएफ और ईएसआई की कटौती होने के बाद उनके हाथ में केवल 10 से 12 हजार ही बचते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में इतनी कम सेलरी में परिवार का खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। इसी को लेकर वे लंबे समय से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन की ओर से स्पष्ट निर्णय और लिखित नोटिस जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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