पैसों के लेन-देन के विवाद में ट्रांसपोर्टर ने दी जान
फरीदाबाद। फरीदाबाद में पैसों के लेनदेन के विवाद से परेशान होकर एक 42 वर्षीय ट्रांसपोर्टर ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चंद्र प्रकाश सेठी के रूप में हुई है, जो एनआईटी नंबर-2 इलाके में अपने परिवार के साथ रहता था। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, चंद्र प्रकाश सेठी एनआईटी स्थित दशहरा मैदान के सामने बने रोज गार्डन के पास अचेत अवस्था में पड़ा मिला।
जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल लेकर गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी दीपिका सेठी ने इस मामले में पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनके पति पैसों के लेनदेन को लेकर काफी परेशान चल रहे थे। करीब आठ महीने पहले उन्होंने कुछ लोगों के साथ आर्थिक लेनदेन किया था, जिसके बाद से लगातार उन पर पैसों को वापस करने का दबाव बनाया जा रहा था। दीपिका सेठी के अनुसार, उनके पति ने सौरव भाटिया नाम के एक व्यक्ति से आर्थिक लेनदेन किया था।
इस लेनदेन में सौरव भाटिया के साथ ओमकार भाटिया, अजय अरोड़ा, धर्मेंद्र कुमार, मनीष गोयल, हीना अरोड़ा, गौरव झा और रवि अरोड़ा सहित कई लोग जुड़े हुए थे। परिजनों का आरोप है कि इस लेनदेन के दौरान चंद्र प्रकाश सेठी को करीब 65 लाख रुपए दिए गए थे। बाद में पैसों को लेकर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने पैसे वापस मांगने शुरू कर दिए। परिजनों का कहना है कि पैसों की मांग के साथ-साथ उन पर अतिरिक्त रकम और ब्याज का भी दबाव बनाया जाने लगा था। परिवार के अनुसार, चंद्र प्रकाश सेठी ट्रांसपोर्ट का काम करते थे, लेकिन पिछले दो साल से उनका कारोबार घाटे में चल रहा था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह समय पर पैसे वापस करने की स्थिति में नहीं थे। इसी बात को लेकर लगातार उन्हें परेशान किया जा रहा था। मृतक के बड़े भाई आशीष सेठी ने बताया कि पैसे के लेनदेन को लेकर उनके भाई पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। कई बार कुछ लोग उनके घर भी आए और पैसे की मांग को लेकर उन्हें धमकियां दीं।
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परिवार का आरोप है कि इस दौरान चंद्र प्रकाश सेठी के साथ बदसलूकी और मारपीट भी की गई, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे थे। परिजनों का कहना है कि लगातार बढ़ते आर्थिक दबाव और धमकियों के कारण चंद्र प्रकाश सेठी पिछले कुछ समय से गहरे तनाव में थे। वह अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते थे कि पैसे कैसे वापस किए जाएं और इस विवाद से कैसे बाहर निकला जाए। बताया जा रहा है कि रविवार को चंद्र प्रकाश सेठी घर से निकलकर एनआईटी स्थित दशहरा मैदान के सामने बने रोज गार्डन के पास पहुंच गए। वहीं उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों के अनुसार, मरने से पहले चंद्र प्रकाश सेठी ने करीब चार मिनट का एक वीडियो भी बनाया था।
इस वीडियो में उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए उन लोगों के नाम लिए, जिनसे वह पैसों के लेनदेन को लेकर परेशान थे। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं और पैसे वापस करने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि चंद्र प्रकाश सेठी ने यह वीडियो व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा था। जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो वे उन्हें ढूंढते हुए रोज गार्डन के पास पहुंचे, जहां वह अचेत अवस्था में पड़े मिले। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी और पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि पैसों के लेनदेन को लेकर लगातार किए जा रहे दबाव और धमकियों के कारण ही चंद्र प्रकाश सेठी ने यह कदम उठाया। वहीं, इस मामले को लेकर पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि कोतवाली थाने में आत्महत्या के इस मामले में मृतक की पत्नी की शिकायत के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। मृतक द्वारा बनाए गए वीडियो और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
