गर्मी के मौसम में किडनी रोगियों को बरतनी चाहिए सावधानी : डॉ. जितेंद्र कुमार
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-86 स्थित एकॉर्ड अस्पताल की ओर से नीलम बाटा रोड स्थित एक होटल में सेमिनार का आयोजन किया गया। अस्पताल चेयरमैन एवं वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र कुमार ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि बदलते मौसम और तेजी से बढ़ते तापमान के बीच किडनी रोगियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी मरीजों की स्थिति को गंभीर बना सकती है, इसलिए इस समय विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। सेमिनार में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जहां डॉ. कुमार ने विस्तार से किडनी से जुड़ी बीमारियों, उनके कारणों और बचाव के उपायों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 8 से 10 नए किडनी मरीज सामने आ रहे हैं। इन मरीजों में ज्यादातर लोग डिहाइड्रेशन, संक्रमण, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के कारण किडनी संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उन्होंने इसे चिंता का विषय बताते हुए कहा कि समय रहते सही जानकारी और सावधानी से इन समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। डॉ. जितेंद्र कुमार ने कहा कि गर्मी के मौसम में शरीर से अधिक पसीना निकलने के कारण पानी और जरूरी लवण (इलेक्ट्रोलाइट्स) की कमी हो जाती है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि सामान्य व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, जबकि किडनी रोगियों को अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह पर ही तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। खासतौर पर डायलिसिस मरीज बिना परामर्श के पानी या अन्य तरल पदार्थों की मात्रा न बढ़ाएं।
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उन्होंने विशेष रूप से बताया कि जो मरीज एसजीएलटी-2 इन्हिबिटर, एआरबी या एसीई इन्हिबिटर जैसी दवाइयों का सेवन कर रहे हैं, उन्हें गर्मी के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इन दवाओं के साथ डिहाइड्रेशन होने पर किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए ऐसे मरीज पानी की मात्रा, ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन की नियमित जांच कराते रहें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा या तरल सेवन में कोई बदलाव न करें। उन्होंने बताया कि इस मौसम में बाहर के खुले और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों से संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है, जो किडनी मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए घर का ताजा और संतुलित भोजन ही लेना चाहिए।
इसके साथ ही नियमित रूप से दवाइयों का सेवन, समय-समय पर जांच और डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद आवश्यक है। डॉ. कुमार ने लोगों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचने, हल्के व ढीले कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किडनी से जुड़ी बीमारियां अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती हैं और शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। सेमिनार के अंत में उन्होंने कहा कि जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। यदि लोग समय रहते अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो जाएं और सही जीवनशैली अपनाएं, तो किडनी संबंधी बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
