नाबालिग शूटर यौन शोषण मामले में आरोपी कोच को सुप्रीमकोर्ट से राहत

फरीदाबाद। राष्ट्रीय स्तर की 17 वर्ष की शूटर के यौन शोषण के आरोपित कोच अंकुश भारद्वाज को जांच में शामिल होने की शर्त पर सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कोच को 29 अप्रैल को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने और जांच में पूरा सहयोग करने का आदेश दिया है। साथ ही पुलिस को अगली सुनवाई 15 मई तक किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपित की ओर से अधिवक्ता गीता लूथरा ने पक्ष रखा, जबकि पुलिस की ओर से वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता आलोक सांगवान उपस्थित रहे।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मामले में नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 मई की तारीख तय की है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वह कानून के अनुसार पूछताछ की प्रक्रिया पूरी करें। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगली तारीख पर जांच अधिकारी पूरे मामले की फाइल और जांच से जुड़े दस्तावेज लेकर अदालत में उपस्थित रहें। पुलिस से कहा गया है कि वे जांच के कागजात का अध्ययन कर एक संक्षिप्त रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करें।

अदालत ने साफ किया कि अगली सुनवाई पर मामले को मेरिट के आधार पर सुना जाएगा, जिससे यह तय होगा कि आगे की कार्रवाई किस दिशा में होगी। बता दें कि कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स-2008 और हेनोवर में 2016 में इंटरनेशनल शूटिंग चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी और अब राष्ट्रीय शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर नाबालिग शूटर को होटल में ले जाकर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। पीडि़त शूटर भी राष्ट्रीय स्तर पर कई निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। छह जनवरी को शूटर ने आरोपित कोच के खिलाफ महिला थाना एनआईटी में मुकदमा दर्ज कराया था।

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