इस्कॉन सेक्टर-37 में भव्य जन्माष्टमी समारोह, 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने किए श्रीकृष्ण के दर्शन
फरीदाबाद। सेक्टर-37 स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष विशेष उत्साह, भव्यता और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर लगभग 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। इस वर्ष का आयोजन इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि इस्कॉन अपनी स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को ध्यान में रखते हुए मंदिर में विशेष एवं व्यापक तैयारियां की गई थीं।
जन्माष्टमी का हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थान है। भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से मानवता को धर्म, कर्म, प्रेम, भक्ति और कर्तव्य का संदेश दिया। जन्माष्टमी इसी दिव्य प्राकट्य की स्मृति में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है।
दिनभर चला भजन-कीर्तन और दर्शन
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती से हुई। इसके बाद प्रातः 8 बजे दर्शन आरती का आयोजन किया गया। पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए भगवान के दर्शन और हरिनाम संकीर्तन एवं कीर्तन खुले रहे, जिससे मंदिर परिसर में लगातार भक्तिमय वातावरण बना रहा।
रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के अवसर पर रात्रि 11:30 बजे भगवान का विशेष अभिषेक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भजन-कीर्तन के बीच भगवान के प्राकट्य का उत्सव मनाया।
मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के विग्रहों की भव्य फूल बंगला सजावट की गई। आकर्षक फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और उत्कृष्ट लाइटिंग ने पूरे मंदिर परिसर को दिव्य एवं मनमोहक स्वरूप प्रदान किया।
लगभग 1.25 लाख श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन द्वारा दर्शन को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। पार्किंग स्थल से मंदिर तक शटल सेवा, एयर-कंडीशंड हॉल, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं के लिए स्वादिष्ट प्रसाद की भी व्यापक व्यवस्था रही।
वर्चुअल रियलिटी शो रहा विशेष आकर्षण
इस वर्ष समारोह का एक विशेष आकर्षण वर्चुअल रियलिटी शो रहा, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। श्रद्धालुओं ने इस अनूठे अनुभव के माध्यम से कृष्ण की लीलाओं को एक नए और प्रभावशाली रूप में देखा।
मंदिर अध्यक्ष गोपीश्वर दास ने कहा कि इस वर्ष की जन्माष्टमी इस्कॉन के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि संस्था अपनी 60वीं वर्षगांठ मना रही है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी केवल श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं, बल्कि उनके संदेश और शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इतने विशाल स्तर पर श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना भगवान श्रीकृष्ण के प्रति लोगों की गहरी आस्था और भक्ति को दर्शाता है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
भव्य सजावट, शानदार प्रकाश व्यवस्था, दिनभर चले कीर्तन एवं दर्शन, विशेष अभिषेक, वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से कृष्ण लीला, उत्कृष्ट सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन, शटल सेवा और प्रसाद की व्यवस्था ने इस वर्ष के जन्माष्टमी समारोह को श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बना दिया।