एचएसवीपी ने तीन दिन में 80-100 अवैध निर्माण हटाए, मकान और गोदाम ध्वस्त
फरीदाबाद। शहर के एत्मादपुर पुल के पास ॥स्ङ्कक्क की ग्रीन बेल्ट पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले तीन दिनों से चल रहे अभियान के दौरान एचएसवीपी की टीम ने करीब 80 से 100 अवैध निर्माणों को हटाया। इनमें छोटी-बड़ी दुकानें, मकान, झोपडिय़ां और गोदाम शामिल थे। अभियान के अंतिम दिन भी विभाग की टीम ने करीब 25 से 30 अवैध निर्माणों को तोडक़र जमीन को कब्जामुक्त कराया। एनएसवीपी के एसडीओ प्रेम प्रकाश ने बताया कि एत्मादपुर पुल के आसपास ग्रीन बेल्ट की जमीन पर काफी समय से लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। लोगों ने यहां अपने स्तर पर छोटी-छोटी दुकानें, झोपडिय़ां, मकान और गोदाम तक बना लिए थे। इससे ग्रीन बेल्ट का स्वरूप पूरी तरह बदल गया था और सरकारी जमीन पर लगातार अवैध निर्माण बढ़ता जा रहा था।
उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से सभी संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के माध्यम से उन्हें अवैध निर्माण खाली करने और अपना सामान हटाने के निर्देश दिए गए थे। विभाग के नोटिस के बाद अधिकांश लोगों ने अपने स्तर पर जगह खाली कर दी थी। इसके बाद ॥स्ङ्कक्क की टीम ने पुलिस बल और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की। यह अभियान पिछले तीन दिनों से लगातार चल रहा था। अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बने करीब 80 से 100 अवैध निर्माण हटाए गए। इनमें कई छोटी-बड़ी दुकानें, अस्थायी झोपडिय़ां, मकान और गोदाम शामिल रहे। बुधवार को कार्रवाई का अंतिम दिन था। अंतिम दिन टीम ने करीब 25 से 30 अवैध निर्माणों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त किया। एसडीओ प्रेम प्रकाश ने बताया कि आज की कार्रवाई उनकी निगरानी में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर की गई
। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि किसी तरह की परेशानी न हो और सरकारी जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त कराया जा सके। उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण हटाने के बाद मौके पर पड़े मलबे को भी हटाया जाएगा। इसके बाद ग्रीन बेल्ट में पौधारोपण कराया जाएगा और क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इससे एत्मादपुर पुल के आसपास का क्षेत्र दोबारा हराभरा होगा और लोगों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा। एचएसवीपी अधिकारियों के अनुसार ग्रीन बेल्ट की जमीन का इस्तेमाल हरियाली और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए किया जाना है। अवैध कब्जों के कारण लंबे समय से यह जमीन अपने निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप इस्तेमाल नहीं हो पा रही थी। अब कब्जे हटने के बाद विभाग की योजना इस पूरे क्षेत्र को व्यवस्थित कर पौधारोपण और सौंदर्यीकरण कराने की है।