भाजपा के अहंकार और गुटबाजी की बलि चढ़ा बल्लभगढ़ : मनोज अग्रवाल
फरीदाबाद। बल्लभगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी और प्रशासनिक खींचतान पर कड़ा प्रहार करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज अग्रवाल ने कहा कि सत्ताधारी दल के अहंकार और आपसी लड़ाई का खामियाजा आज बल्लभगढ़ की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हाल ही में भाजपा पार्षद दीपक यादव द्वारा नगर निगम के एक्सईएन कार्यालय में ताला जडऩे और उसके जवाब में निगम कर्मचारियों के बेमियादी हड़ताल पर चले जाने से पूरा शहर पूरी तरह ठप हो चुका है। मनोज अग्रवाल ने भाजपा नेताओं की कार्यशैली को लेकर कहा कि यह लड़ाई जनहित या शहर के विकास के लिए नहीं, बल्कि केवल सोशल मीडिया पर ‘टीआरपी बटोरने का सरेआम नाटक है। स्वयं नगर निगम कर्मचारियों का आरोप है कि सत्ताधारी पार्टी के नेता अपनी व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी करने और अधिकारियों को डराने-धमकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये से शहर का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।मनोज अग्रवाल ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार है, क्षेत्रीय विधायक व मंत्री भाजपा के हैं, नगर निगम की मेयर भाजपा की हैं और अधिकांश पार्षद भी भाजपा के ही हैं, तो आखिर विकास कार्य किसके इशारे पर रोके जा रहे हैं? सत्ता की तमाम चाबियां एक ही दल के पास होने के बावजूद यदि सरकारी दफ्तरों पर ताले लग रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर भाजपा के कुप्रबंधन, अकर्मण्यता और आपसी वर्चस्व की गंदी राजनीति को उजागर करता है। मनोज अग्रवाल ने कहा कि भाजपा के इस अंदरूनी घमासान से नगर निगम का पूरा कामकाज ठप पड़ा है। सफाई, स्ट्रीट लाइट, प्रॉपर्टी आईडी और एनओसी जैसी मूलभूत सुविधाओं व जरूरी कागजी कामों के लिए आम जनता निगम कार्यालयों के चक्कर काटने को विवश है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी ‘ईगो’ की इस जंग में जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम बर्बादी हो रही है, लेकिन शहरवासियों की समस्याओं को सुनने वाला कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि धरातल पर नजर नहीं आ रहा।
उन्होंने आगे कहा कि सत्ताधारियों के इस कुप्रबंधन के कारण आज बल्लभगढ़ की सडक़ें बदहाल हैं, सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं और लोग पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों की बेमियादी हड़ताल के कारण निगम के सारे नागरिक कार्य पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिससे आम जनता अपने छोटे-छोटे कामों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। भाजपा के इस आपसी खींचतान के खेल में जीत किसी भी गुट की हो, लेकिन अंतिम हार बल्लभगढ़ की निर्दोष जनता की हो रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज अग्रवाल ने चेतावनी देते हुए मांग की कि भाजपा अपनी अंदरूनी गुटबाजी और घटिया राजनीति को किनारे रखकर तुरंत निगम प्रशासन और कर्मचारियों के बीच जारी गतिरोध को समाप्त कराए, ताकि शहर में रुके हुए विकास कार्य पुन: शुरू हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भाजपा की इस आपसी लड़ाई के कारण जनता के काम इसी तरह ठप रहे, तो वे शांत नहीं बैठेंगे और बल्लभगढ़ की जनता के हक के लिए सडक़ों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।