सिनेमा हॉल में बिकते रहेंगे महंगे पॉपकॉर्न-समोसे: SC ने कहा- थिएटर को नियम-शर्तें तय करने का अधिकार, ग्राहक चाहे तो न खरीदे

सिनेमा हॉल मालिकों को हॉल के अंदर खाने-पीने की चीजों की बिक्री के नियम तय करने का पूरा हक है। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को यह बात कही। CJI ने कहा, ‘सिनेमा देखने वालों के पास इन आइटम को न खरीदने का विकल्प है।’ कोर्ट ने ये भी दोहराया कि सिनेमाघरों को बिना किसी शुल्क के पेयजल उपलब्ध कराना जारी रखना होगा।

सिनेमा हॉल प्राइवेट प्रॉपर्टी
चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने याचिका पर सुनवाई की। बेंच ने कहा कि सिनेमा हॉल प्राइवेट प्रॉपर्टी है और वह इस तरह के नियम-शर्तें लागू कर सकता है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई दर्शक सिनेमा हॉल में प्रवेश करता है, तो उसे सिनेमा हॉल के मालिक के नियमों का पालन करना होगा। मल्टीप्लेक्स में खाना बेचना कॉमर्शियल मामला है।

पॉपकॉर्न की कीमत करीब 340-490 रुपए
BookMyShow ऐप के अनुसार, गुरुग्राम में एंबियंस मॉल और सिटी सेंटर मॉल में, पीवीआर पर पॉपकॉर्न की कीमत स्वाद और टेस्ट के आधार पर लगभग 340-490 रुपए है, जबकि पेप्सी की कीमत लगभग 330-390 है। वहीं बेंगलुरु के फीनिक्स मार्केटसिटी मॉल में पीवीआर में पॉपकॉर्न की कीमत करीब 180-330 रुपए है।

ऑपरेशनल कॉस्‍ट को कवर करने के लिए महंगा फूड
PVR के चेयरमैन और MD अजय बिजली के मुताबिक हॉल में फूड और बेवरेज बिजनेस अब 1500 करोड़ रुपए का हो चुका है। भारत अब सिंगल स्‍क्रीन से मल्‍टीप्‍लेक्‍स की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव का दौर है। इन मल्‍टीप्‍लेक्‍स को चलाने में काफी ज्‍यादा लागत आती है। ऑपरेशनल कॉस्‍ट को कवर करने के लिए मल्‍टीप्‍लेक्‍स में स्‍नैक्‍स को ज्‍यादा कीमतों पर बेचा जाता है।

जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट का फैसला रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें मल्टीप्लेक्स और मूवी थिएटरों में लोगों को खुद का खाने-पीने का सामान ले जाने की अनुमति दी गई थी। कोर्ट थिएटर मालिकों और मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से हाईकोर्ट के 2018 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका के एक बैच पर सुनवाई कर रहा था।

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