मेंटेनेंस शुल्क बढ़ोतरी को लेकर बीपीटीपी बिल्डर के खिलाफ प्रदर्शन

अधूरी सुविधाओं और हैंडओवर में देरी पर 600 परिवारों की नाराजगी

फरीदाबाद। फरीदाबाद के सेक्टर-76 स्थित बीपीटीपी पार्क फ्लोर-2 में बिल्डर और निवासियों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। मेंटेनेंस शुल्क में बढ़ोतरी और सोसायटी में सुविधाओं की कमी से नाराज लोगों ने बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। निवासी पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे हैं। रविवार को भी लोगों ने सोसायटी से पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिल्डर प्रोजेक्ट का पूरा काम कराए बिना ही सोसायटी का हैंडओवर करना चाहता है। लोगों के मुताबिक, पार्किंग, बिजली और ग्रीन एरिया जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी तक पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।

उनका आरोप है कि ओसी में निर्धारित 18 मानकों को भी पूरा नहीं किया गया है। इससे सोसायटी में रह रहे 600 से ज्यादा परिवार प्रभावित हो रहे हैं। आरडब्ल्यूए प्रधान पवन शर्मा, आयुष आर्य, सुमित कंबोज और एसपी सिंह ने बताया कि पूरा प्रोजेक्ट करीब 24 एकड़ में फैला है, जबकि सोसायटी का निर्माण लगभग 11 एकड़ जमीन पर ही किया गया है। बाकी जमीन के संबंध में बिल्डर की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। निवासियों ने ग्रीन एरिया की कमी और बिजली आपूर्ति का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि सोसायटी का स्वीकृत लोड चार एमवीए है, लेकिन फिलहाल केवल एक एमवीए बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके चलते लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है।

निवासियों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन को दबाने के लिए विरोध कर रहे लोगों को एक-एक लाख रुपये के कैम चार्ज के नोटिस भेजे जा रहे हैं। उनकी मांग है कि बिल्डर बातचीत के लिए आगे आए, बिल्डर-बायर एग्रीमेंट में दर्ज सुविधाएं उपलब्ध कराए और हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करे। लोगों ने मंगलवार को दशहरा के अवसर पर बिल्डर का पुतला जलाने की चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि समस्याओं का समाधान होने तक धरना जारी रहेगा। बीपीएमएस के एमडी श्याम सुंदर ने कहा कि मेंटेनेंस शुल्क में बदलाव मनमाने तरीके से नहीं किया गया है। उनके अनुसार, साइट का रखरखाव आरडब्ल्यूए के साथ हुए समझौते के तहत रियायती दरों पर किया जा रहा था। आगे संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए को संभालनी है। हालांकि, हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण निवासियों को असुविधा से बचाने के लिए फिलहाल रखरखाव सेवाएं जारी रखी जा रही हैं।

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