दिल्ली से फरीदाबाद वारदात को आए थे दो कुख्यात अपराधी, पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा
फरीदाबाद।अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत फरीदाबाद पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-85 और सेंट्रल की संयुक्त टीम ने देर रात थाना खेड़ी पुल क्षेत्र में एक रोमांचक मुठभेड़ के बाद चोरी की वारदातों में वांछित दो कुख्यात अपराधियों को दबोच लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों अपराधियों के पैर में गोली लगी है, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए सिविल अस्पताल फरीदाबाद में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल सामान्य बनी हुई है।
घायल आरोपियों की पहचान सोनू और राहुल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मोहन नगर, उत्तम नगर, दिल्ली के रहने वाले हैं। दोनों अपराधी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की नीयत से फरीदाबाद की सीमा में दाखिल हुए थे।
आगरा कैनल रोड पर हुई पुलिस से मुठभेड़
एसीपी क्राइम वरुण कुमार दहिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि 15 और 16 सितंबर की दरमियानी रात अपराध शाखा सेक्टर-85 की टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि वांछित आरोपी किसी गंभीर वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही अपराध शाखा सेक्टर-85 और सेंट्रल की टीमों ने तुरंत संयुक्त रूप से आगरा कैनल रोड पर मजबूत नाकाबंदी कर दी। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में मोटरसाइकिल पर आते हुए दोनों आरोपी पुलिस को दिखाई दिए। पुलिस टीम को सामने देख घबराए अपराधियों ने अपनी मोटरसाइकिल तेजी से वापस मोड़ कर भागने का प्रयास किया। जब पुलिस ने उनका पीछा किया तो खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से करीब 5 से 6 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली जा लगी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही दबोच लिया और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, एक देसी कट्टा, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास, दिल्ली से लेकर फरीदाबाद तक दर्ज हैं मामले
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों का बेहद पुराना और संगीन आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मुख्य आरोपी सोनू के खिलाफ अकेले दिल्ली में लूट, डकैती और घरों में चोरी के लगभग 26 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, उसके साथी राहुल के खिलाफ भी विभिन्न थानों में करीब 11 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। ये दोनों शातिर अपराधी फरीदाबाद के ओल्ड फरीदाबाद थाना और सेक्टर-31 थाना क्षेत्र में हुई चोरी की कई वारदातों में भी लंबे समय से वांछित चल रहे थे। गौरतलब है कि अपराध शाखा की टीम ने इनके एक अन्य साथी शिवम (निवासी मोहन नगर, उत्तम नगर, दिल्ली) को 15 सितंबर को ही गिरफ्तार कर लिया था, जिसकी गहन पूछताछ के बाद इन दोनों बदमाशों के इस नापाक षड्यंत्र का खुलासा हुआ था।
अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना
एसीपी वरुण कुमार दहिया ने बताया कि अस्पताल में उपचाराधीन दोनों अपराधियों से पुलिस की टीमें कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस को पूरी उम्मीद है कि रिमांड के दौरान फरीदाबाद सहित अन्य इलाकों में हुई चोरी और अन्य वारदातों के संबंध में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। पुलिस फिलहाल उनके पूरे नेटवर्क और आपराधिक इतिहास की गहराई से जांच कर रही है। फरीदाबाद पुलिस का यह सख्त रुख साफ संदेश देता है कि जिले में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।