रेवाड़ी शहर में स्वर्णकार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

रेवाड़ी : भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), फरीदाबाद शाखा कार्यालय द्वारा रेवाड़ी शहर में स्वर्णकार एवं सर्राफा बंधुओं के लिए स्वर्णकार जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता BIS फरीदाबाद शाखा कार्यालय के उप-निदेशक एवं हॉलमार्किंग कोऑर्डिनेटर श्री बी. रोहिथ रेड्डी ने की।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता ने सरल एवं सहज भाषा में उपस्थित ज्वैलर्स को भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं हॉलमार्किंग व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सोने के आभूषणों पर अंकित किए जाने वाले यूनिक हॉलमार्किंग आइडेंटिफिकेशन (HUID) के संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि गोल्ड हॉलमार्किंग स्कीम में अब 9 कैरेट सोने को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में सोने के आभूषणों पर 9, 14, 18, 20, 22, 23 एवं 24 कैरेट की हॉलमार्किंग कराई जा सकती है।
उन्होंने चाँदी के आभूषणों, बुलियन एवं सिक्कों के संबंध में लागू हॉलमार्किंग व्यवस्था के बारे में भी ज्वैलर्स को जानकारी दी। साथ ही, हॉलमार्किंग शुल्क में किए गए संशोधन की जानकारी देते हुए बताया कि गोल्ड आर्टिकल पर हॉलमार्किंग शुल्क ₹45 से बढ़ाकर ₹75 प्रति आर्टिकल कर दिया गया है, जबकि चाँदी के आर्टिकल पर हॉलमार्किंग शुल्क ₹35 प्रति आर्टिकल ही रहेगा।

कार्यक्रम में सभी स्वर्णकारों एवं सर्राफा बंधुओं से BIS Care App डाउनलोड करने तथा इसके माध्यम से HUID युक्त सोने के आभूषणों की प्रामाणिकता, वजन, फोटो एवं अन्य उपलब्ध विवरणों का सत्यापन करने का आग्रह किया गया। ज्वैलर्स से अपने ग्राहकों को भी हॉलमार्किंग वाले आभूषणों के महत्व एवं लाभों के बारे में जागरूक करने की अपील की गई।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि यदि कोई ज्वैलर BIS द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का पालन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कार्यक्रम में उपस्थित ज्वैलर्स ने हॉलमार्किंग एवं HUID व्यवस्था का स्वागत किया तथा इसे पूरे जिले में अनिवार्य रूप से लागू करने का अनुरोध किया। ज्वैलर्स द्वारा हॉलमार्किंग, HUID एवं BIS की विभिन्न प्रक्रियाओं से संबंधित प्रश्न पूछे गए, जिनका BIS अधिकारी द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्वर्णकारों एवं सर्राफा व्यापारियों को हॉलमार्किंग व्यवस्था, HUID तथा BIS के नियमों एवं प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक करना और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रमाणित आभूषण उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना रहा।

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