शिल्पकारों व बुनकरों के लिए लागू होंगी प्रोत्साहन योजनाएं : रणवीर गंगवा
एआईएफओएम ने किया देश के शिल्पकारों के लिए महाकुंभ का आयोजन
फरीदाबाद। ऑल इंडिया फोरम ऑफ एमएसएमई (एआईएफओएम) द्वारा फरीदाबाद में भारत के शिल्पकारों का महाकुंभ का सफल आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 89 उद्यमियों ने भाग लिया, जिनमें 58 शिल्पकार एवं 31 एमएसएमई उद्यमी शामिल थे। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के पारंपरिक शिल्पकारों एवं एमएसएमई क्षेत्र को एक साझा मंच प्रदान कर उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुँचाना तथा उनके विकास के लिए ठोस पहल करना था। इस अवसर पर हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एआईएफओएम ने शिल्पकारों एवं बुनकरों की ओर से उनके समक्ष एक मांग-पत्र प्रस्तुत किया,
जिसमें प्रमुख मांग हरियाणा औद्योगिक नीति-2020 के अंतर्गत बंद की गई मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस स्कीम फॉर आर्टिज़न्स एंड वीवर्स को पुन: प्रारंभ करने की थी। कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने आश्वासन दिया कि वे इस महत्वपूर्ण विषय को हरियाणा के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर इस योजना को पुन: शुरू कराने का पूरा प्रयास करेंगे। एआईएफओएम देश का पहला उद्योग संगठन है जिसने विशेष रूप से शिल्पकारों एवं एमएसएमई के लिए इस प्रकार के समर्पित महाकुंभ का आयोजन किया। संस्था का उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकारों को सशक्त बनाना, उद्यमिता को बढ़ावा देना तथा देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान देना है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों ने माननीय मंत्री रणबीर सिंह गंगवा का स्वागत किया तथा शिल्पकारों एवं बुनकरों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं को लागू कराने के उनके आश्वासन का स्वागत किया।
एआईएफओएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम सुंदर कपूर ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपना बहुमूल्य समय देकर शिल्पकारों एवं बुनकरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया। एआईएफओएम के राष्ट्रीय महासचिव अनिल कुमार चौधरी ने संगठन की अब तक की यात्रा, भविष्य की कार्ययोजना तथा भारत के शिल्पकारों का महाकुंभ आयोजित करने के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय निदेशक आर. डी. वर्मा, आई. सी. जैन, नवीन बंसल एवं रमेश्वर सिंह, विधिक सलाहकार सुंदीप नागर, कार्यकारी सचिव जगदीश चंदर, कार्यकारी सदस्य सुबे सिंह जाखड़, परवीन बंसल, आकाश कपूर, मुदित चौधरी, सार्थक चौधरी, ज्ञान शंकर, परवीन कपिल, स्वाति निज्हावन, साधना गिरी तथा रेखा चौधरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।