मेवाती वीर राजा हसन खां को राष्ट्रीय फलक पर लाने की तैयारी
- 500वें बलिदान वर्ष पर देशभर में आयोजित होंगे ‘राष्ट्र प्रथम संवाद’
फरीदाबाद। मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगल आक्रांता बाबर से युद्ध करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले मेवाती वीर राजा हसन खां मेवाती को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए व्यापक अभियान की तैयारी शुरू हो गई है। उनके 500वें बलिदान वर्ष के उपलक्ष्य में इतिहास, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति को केंद्र में रखकर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
वंदे सरदार एकता पदयात्रा आयोजन समिति ने इस अभियान को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार की है। इसके अंतर्गत सितंबर से दिसंबर 2026 तक हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर 15 ‘राष्ट्र प्रथम संवाद’ आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में इतिहासकार, शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न समुदायों के प्रबुद्धजन भाग लेंगे। अभियान का प्रमुख उद्देश्य राजा हसन खां मेवाती की वतनपरस्ती, राष्ट्रनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान से नई पीढ़ी को परिचित कराना है।
मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक एवं वंदे सरदार एकता पदयात्रा के संरक्षक मुकेश वशिष्ठ ने कहा कि राजा हसन खां मेवाती किसी एक जाति, धर्म अथवा क्षेत्र के नायक नहीं, बल्कि राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले महान भारतीय योद्धा थे। उन्होंने बाबर के प्रलोभनों और प्रस्तावों को अस्वीकार करते हुए मातृभूमि के सम्मान को सर्वोपरि रखा तथा खानवा के युद्ध में वीरगति प्राप्त की।
फरीदाबाद से होगा संवाद शृंखला का शुभारंभ :
राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत ‘राष्ट्र प्रथम संवाद’ शृंखला का शुभारंभ 6 सितंबर को जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में आयोजित कार्यक्रम से होगा। इसमें हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री विपुल गोयल, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री राज नेहरू, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली, मेवात अध्ययन केंद्र के संरक्षक श्याम सुंदर तथा ओल्ड फरीदाबाद स्थित मरकज मस्जिद ईदगाह के इमाम मुफ्ती मुस्तजाबुद्दीन मजाहिरी सहित शहर के लगभग 300 प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक प्रतिनिधियों और युवाओं को आमंत्रित किया गया है।
कार्यक्रम में वक्ता राजा हसन खां मेवाती के जीवन, खानवा के युद्ध, मेवात की साझी विरासत तथा राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान पर विचार रखेंगे। इस अवसर पर विशेष स्मारिका ‘राष्ट्र प्रथम’ का विमोचन किया जाएगा। इसके साथ ही राजा हसन खां मेवाती के जीवन, राष्ट्रनिष्ठा और बलिदान पर तैयार विशेष वीडियो का लोकार्पण एवं प्रदर्शन भी किया जाएगा।
फरीदाबाद के बाद अलवर, खानवा के मैदान, कामां, किशनगढ़, भिवाड़ी, पलवल, होडल, हथीन, गुरुग्राम, नूंह, पानीपत, चंडीगढ़ और नई दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर ‘राष्ट्र प्रथम संवाद’ आयोजित किए जाएंगे।
कौन हैं शहीद राजा हसन खां मेवाती :
राजा हसन खां मेवाती मेवात के वीर, स्वाभिमानी और वतनपरस्त शासक थे। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए महाराणा सांगा के साथ मिलकर मुगल आक्रांता बाबर के विरुद्ध खानवा का युद्ध लड़ा और मार्च 1527 में वीरगति प्राप्त की। वे साहस, राष्ट्रीय एकता और ‘राष्ट्र प्रथम—वतन सर्वोपरि’ की भावना के अमर प्रतीक हैं।
आयोजन समिति के सदस्य :
6 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘राष्ट्र प्रथम संवाद’ को सफल बनाने के लिए कमाल हुसैन मिरासी को संयोजक तथा राम भारद्वाज को सह-संयोजक बनाया गया है। वहीं रमन सूद, मौलाना जमालुद्दीन, अधिवक्ता अमरदीप, मोहन शर्मा, उद्योगपति अजय शर्मा, प्राध्यापक नेत्रपाल आर्य, मोहम्मद आबिद, आकाश नागर और नियाज़ आयोजन समिति के सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।